गुरुजी कर्म के बारे में

Oct

4

2016

कर्म🙏🏻🌹
गुरुजी कर्म के बारे में बताइ ए
श्री श्री …कर्म की थप्पड़ इतनी भारी और भयंकर होती है कि – हमारा संचित पुण्य कब जीरो बेलेन्स हो जाए पता भी नहीं चलता है । पुण्य खत्म होने बाद समर्थ सम्राट को भी भीख मांगनी पड़ती है । इसलिए जब तक पंचेन्द्रिय सही सलामत है…..! स्वास्थ्य अच्छा है,… ! बुढ़ापा दस्तक न दे….. उससे पहले सत्कर्म करके पुण्योपार्जन कर लीजिए ।
जीवन का कटू सत्य है…… “कर्म” एक ऐसा रेस्टॉरेंट है जहाँ ऑर्डर देने की जरुरत नहीं है, हमें वही मिलता है जो हमने पकाया है……! 🌹🌹🙏🏻 जय गुरुदेव 🙏🏻 🌹🌹

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In: Art of Living Asked By: [15754 Red Star Level]

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